मेरा बच्चा पूरी रात क्यों घुरघुराहट और फुदकता रहता है?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 09:32

सांस लेते समय बच्‍चे के गले से आती है ऐसी आवाज, तो हो जाएं सावधान

अक्सर छोटे बच्चों में सांस लेते वक्त घरघराहट या सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है। बच्चों के गले और नाक की नली जब किसी कारण से पतली हो जाती है तो हवा बाहर आते वक्त सीटी की तरह निकलती है। जिससे इस तरह की आवाज सुनाई देती है। लगभग 30% बच्चों में वीजिंग (Wheezing) यानी घरघराहट का कारण अस्थमा, इंफेक्शन, GERD, या एलर्जी होता है।

​बच्चों में घरघराहट क्यों

बच्चों की सांस की नली पतली होती है। जब किसी इंफेक्शन के कारण ये नली और पतली हो जाती है, तो हवा बाहर आते वक्त सीटी की आवाज की तरह निकलती है, जिसे ही वीजिंग कहते हैं। बच्चे सोते वक्त गहरी और धीमी सांस लेते हैं। बाहर सांस छोड़ते वक्त इस तरह की आवाज होती है।

​वीजिंग के प्रकार

अगर आपका बच्चा किसी तरह के प्रदूषण, धूल, बाल के छोटे टुकड़े जैसी चीजों के संपर्क में आने से इस तरह की आवाज निकालता है, तो इसका कारण एलर्जी और अस्थमा हो सकता है।

अगर आपका बच्चा अचानक ही इस तरह की आवाज निकालता है तो इसका कारण रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट में इंफेक्शन हो सकता है। अगर बच्चे में जन्म से ही यह समस्या है, तो बच्चे की एनाटॉमी में किसी तरह का की समस्या हो सकती है।

​वीजिंग के कारण

छोटे बच्चे में वीजिंग का कारण वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। वायरस और बैक्टीरिया से हुए इनफेक्शन जैसे- ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, एलर्जी, निमोनिया जैसे रोग होने पर भी इस तरह की आवाजें आती हैं। कुछ बच्चों में कुछ खास तरह की चीजों के प्रति एलर्जी होती है।

जैसे- बाल के छोटे टुकड़े, जानवरों के बाल, धूल के कण, फूल के परागकण, आदि के संपर्क में आने पर भी बच्चों में यह समस्या देखी गई है। कुछ बच्चों में जन्म के समय से ही कुछ कमियां या रोग होते हैं, जैसे- अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस, गैस्ट्रोइसोफैगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD), हार्ट डिजीज, ब्रोंकोपलमोनरी डिस्प्लेशिया, इन सभी बीमारियों से भी बच्चों में वीजिंग हो सकती है, इसके लिए डॉक्टर से उचित सलाह जरूरी है।

​वीजिंग के लक्षण

जब बच्चों की सांस तेज चलने लगे और उनकी पेट की मांसपेशियों में बहुत ज्यादा हलचल होने लगे तो यह वीजिंग के लक्षण होते हैं। इसके साथ-साथ ही कुछ बच्चों के गले की मांसपेशियां बहुत ज्यादा कड़ी हो जाती हैं।

ऑक्सीजन अंदर तक ना पहुंच पाने के कारण उनकी त्वचा पीली और कभी-कभी लाल भी पड़ने लगती है। सांस लेते वक्त खांसी आती है। सर्दी और बुखार के भी लक्षण दिखाई देते हैं। पसीना छूटने लगता है। आंखों में जलन और खुजली होती है। पेट भी खराब रहता है। इसके साथ ही गले और चेस्ट में दर्द भी बच्चों में देखा गया है।

​वीजिंग के लक्षण कब खतरनाक हो सकते हैं

कभी-कभी यह बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। जैसे कि अगर बच्चों को खाते वक्त वीजिंग हो तो यह समझ लेना चाहिए कि खाने के कुछ कण उनके नाक या श्वास नली में फंस गए हैं। अगर आपका बच्चा खाना खाना छोड़ दे और उसे नींद भी अच्छी नहीं आए, तो इस दौरान होने वाले वीजिंग के लक्षण खतरनाक हो सकते हैं। अगर बुखार तेज हो तब यह लक्षण बेहद खतरनाक हो सकते हैं। आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

ये एक गंभीर समस्या हो सकती है। इसमें डॉक्टर की सलाह बहुत ज्यादा जरूरी है। डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक और कुछ दवाइयां देता है। साथ ही कई बार कुछ बच्चों में सर्जरी की भी जरूरत पड़ जाती है। आपको अपने घर में ह्यूमिडी फायर चलाकर रखना चाहिए। ताकि घर की हवा साफ रहे और बच्चों को आराम मिले। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह का निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है।

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